ग्रुप सेक्सका मज्जा

नीतू की चुदाई के बाद हम लोग बहुत थक
गए थे. इसलिए सभी सो गए. जब नींद खुली तो शाम के ४ बजने वाले थे. सबको भूख
लगी थी. हमने रूम सर्विस को लंच आर्डर किया लंच आने के बाद हमने खाया. शाम
के करीब ५.३० बजे बाहर निकलने का प्रोग्राम हुआ. जिस रिसॉर्ट में हम ��
हरे थे वो समुद्र के किनारे पर था. लड़को ने शोर्ट्स और टी शर्ट और
लड़कियों ने लॉन्ग स्कर्ट पहनी थी.

होटल से निकलने के समय मेरी नजर सीमा के पिछवाडे पर गई तो मुझे लगा कि उसने
पैंटी नहीं पहनी थी. खैर हम समुद्र के किनारे धीरे-धीरे टहलने लगे. ��
ंडी-�� ंडी हवा चल रही थी. कुछ देर टहलने के बाद हम एक जगह गोलाई में बै��
गए. ऑफ़ सीजन होने के कारण बीच पर ज्यादा भीड़ नहीं थी. रात होने लगी थी.
मेरे दायें तरफ़ सीमा बै�� ी थी, बाएं नीतू. हम सेक्स के बारे में बातें कर
रहे थे.

पहले सीमा ने अपनी सेक्स की काल्पनिक इच्छा के बारे में बताया कि मेरी
इच्छा है की ३ मर्द मुझे एक साथ चोदे. हमने कहा कि तुम्हारी इच्छा जरूर
पूरी होगी आज रात को.

मनु ने कहा की मेरी इच्छा है कि मेरी नीतू नए-नए मर्द से चुदवाये कभी मेरे सामने तो कभी अकेले में.

तो मैंने कहा कि मेरी भी इच्छा कुछ ऐसी ही है, एक लड़की को कम से कम दो मर्द मिलकर चोदें.

हम जहाँ बै�� े थे वहां अंधकार था क्योंकि उस जगह की लाईट ख़राब थी. चुदाई
की बातें सुनकर हम धीरे-धीरे उत्तेजित हो रहे थे. नीतू ने कहा कि तुम तीनो
मिलकर सीमा को चोदोगे तो मुझे क्या रिसॉर्ट के वेटर चोदेंगे?

सन्नी ने कहा की नहीं मेरी जान तुम्हारी भी चुदाई होगी, सारी रात पड़ी है और चुदाने के लिए तो केवल तुम दोनों ही हो.

उस समय शाम के ७.३० बजे थे अँधेरा छा गया था. मैंने अपना हाथ सीमा के पी��
पर रख दिया. सीमा ने मेरे हाथ को सामने ले जाकर अपनी चुचियों पर रख दिया और
दबाने लगी. मैं धीरे-धीरे उसकी क�� ोर छोटी चूचियों को दबाने लगा. उधर
सन्नी नीतू को किस कर रहा था और अपना एक हाथ उसकी स्कर्ट के भीतर घुसा कर न
जाने क्या कर रहा था. मनु इधर – उधर नजर रख रहा था कि कोई आ न जाए.

समुद्र के किनारे खुले बीच पर इस तरह की हरकतें करने का ये मेरा पहला मौका
था. मैंने सीमा के टॉप के भीतर हाथ घुसाकर उसकी ब्रा को ऊपर कर नंगी
चुचियों पर हाथ फिराने लगा. उसके नीपल खड़े हो गए थे. मैं उन्हें चुटकियों
से मसलने लगा. सीमा ने अपना मुंह मेरी तरफ़ बढ़ा दिया. मैं उसके हो�� ों को
चूसने लगा. मैंने उसके टॉप को और ऊँचा उ�� ा दिया और उसकी निप्प्लें चूसने
लगा बारी-बारी से.

फ़िर मैंने एक हाथ उसके स्कर्ट के भीतर घुसाया. मेरा अनुमान सच था ! उसने
भीतर पैंटी नहीं पहनी थी. मैं अपना हाथ उसके बुर पर फिराने लगा. बुर पूरी
तरह से गीली हो चुकी थी. मैंने अपनी एक अंगुली उसकी बुर में घुसा दी उसके
मुंह से आह… निकली. भीतर पूरा गर्म था. मैं उसे अंगुली से चोदने लगा. एक
हाथ उसकी चुचियों को दबा रहा था.

सीमा गर्म होने पर चिल्लाने लगती है. सन्नी ने नीतू को छोड़कर सीमा का हो��
अपने हो�� ों में दबा लिया और चूसने लगा. हम सब धीरे-धीरे उत्तेजना के
शिखर पर पहुँच रहे थे. सीमा की बुर में मैंने अब दो अंगुलियाँ घुसा दी थी.
उसने मेरे शोर्टस के भीतर हाथ डालकर मेरा तना हुआ करीब ५” का लंड पकड़ लिया
और उसे ऊपर नीचे करने लगी. सीमा ने मेरे कान में कहा की अब मेरी बुर को भी
थोड़ा चूसो तुम बहुत अच्छा चूसते हो. मैंने अपनी अँगुलियों को बहर निकालकर
अपना मुंह उसकी स्कर्ट में घुसा दिया. और अपना मुंह उसकी बुर पर लगा दिया.
बुर के ऊपर जीभ फिराने लगा. जीभ को सारी बुर पर फिराने के बाद उसकी बु्र के
मुहाने पर लेकर जाता घुसाने की एक्टिंग करता फ़िर हटा लेता. सीमा ने आख़िर
में उत्तेजित होकर मेरा सर पकड़कर बुर के मुहाने पर टिका दिया.

पहले अपने मुंह से मैंने उसकी बुर की चोंच को पकड़ कर चूसने लगा. लड़कियों
का सबसे संवेदनशील पार्ट येही होता है. चोंच को रगडो या चुसो तो उनकी
उत्तेजना चरमोत्कर्ष पर पंहुच जाती हैं. फ़िर मैं अपनी जीभ उसकी बुर के भीतर
घुसाकर चूसने लगा सीमा ने मेरा सर पकड़कर जोर से हिलाकर जीभ से ही चोदने
का इशारा किया. मैं जोर-जोर से जीभ बाहर-भीतर करने लगा. धीरे-धीरे उसकी
उत्तेजना बहुत बढ़ गई. मैंने अपना सर उसकी स्कर्ट से बाहर निकल लिया.

अब सन्नी ने कहा कि राज इसे यहीं पर चोदते हैं. मैंने कहा कि नहीं रूम के
भीतर चलते हैं वहीँ पर इसे बारी-बारी से चोदेंगे. नीतू ने फ़िर कहा कि मुझे
मत भूल जाना. उ�� कर हमने अपने कपड़े �� ीक किए. रिसॉर्ट के भीतर आकर हमने
बेल बॉय को बुलाकर डिनर के लिए मना कर दिया और रूम में घुस गए.

घुसने के साथ ही सीमा ने अपना टॉप, ब्रा और स्कर्ट उतार कर फ़ेंक दिया और
पूरी तरह से नंगी होकर बेड पर टाँगे फैलाकर लेट गई. पहले सन्नी उसे चोदने
के लिए गया. कंडोम निकालने लगा तो सीमा ने कहा की आज मुझे बिना कंडोम के सब
चोदो मेरे पर्स में अनवांटेड ७२ है उसे ले लूंगी. हम लोगों ने भी अपने
कपड़े उतार दिए. सन्नी ने पूछा कि मैं सीमा को देर तक चोदना चाहता हूँ. तो
मैंने कहा कि चोदो और झड़ने के पहले तुम हट जाना फ़िर उसे मैं या मनु
चोदेंगे ऐसे ही बदल- बदल कर थोडी-थोडी देर तक चोदेंगे. ऐसा करने से हम सीमा
को बहुत देर तक चोद सकेंगे. सबने कहा कि �� ीक है. सीमा ने कहा कि एक मर्द
मुझे चोदेगा उस समय दो मर्द मेरे बगल में रहेंगे . मेरे हों�� चूसेंगे
चुचियों के साथ खेलेंगे. कभी-कभी- अपने लंड को मेरे मुंह में डालेंगे. आज
मेरा सपना पुरा होने वाला है

नीतू ये सब सुन रही थी. मैंने कहा कि जब तक सीमा की चुदाई होगी तब तक नीतू को कोई नहीं चोदेगा. सीमा के बाद नीतू की चुदाई होगी.

सन्नी ने अपना लंड एक ही बार में सीमा के बुर में घुसा दिया. सीमा के दायीं
तरफ़ मैं और बांयी तरफ़ मनु था. नीतू मेरी बगल में थी. उसने मेरे कान में
कहा कि सीमा को चोदो लेकिन मेरी बुर में भी अंगुली डालना और चूचियां दबाना.
सन्नी एक बार लंड को पूरा बाहर निकालकर एक ही धक्के में जोर से घुसा रहा
था. मनु सीमा के हो�� चूस रहा था, मेरा एक हाथ सीमा की चूची पर था और दूसरा
नीतू के बुर में. अब सन्नी उसे जोर-जोर से चोद रहा था.

मैंने उसे हटने को कहा और मनु को इशारा किया. मनु ने अपना लंड उसके बुर में
डाला और जोर-जोर से चोदने लगा. सीमा के मुंह से आवाजें निकल रही
थी……..आह………..आह…………ओह…………ओह………….और जोर
से…………………. हे
भगवान……………चोदो……………………राज
……………….मेरी चुचियों को…………और
………..जोर……….से दबाव………………सन्नी…………….
अपना लंड मेरे मुंह में डालो……………….

फ़िर मनु भी हट गया और मेरी बारी आई. मैंने उसे डौगी स्टाइल में उल्टा किया
यानि घुटनों पर और पीछे से अपना लंड उसकी बुर में डाल दिया. सामने सन्नी
चला गया और अपना लंड सीमा के मुंह में डाल दिया. मैं जितने जोर से धक्का
मारता सीमा उतनी जोर से सन्नी के लंड को मुंह में ले लेती. नीतू ने सीमा की
चुदाई देखकर कहा कि क्या चुद रही है सीमा की बुर? मेरी भी चुदाने के लिए
बेकरार है.

फ़िर उल्टा बेड पर लेट गया और सीमा मुझे ऊपर से आकर चोदने लगी. उसकी आँखें
बंद थी. चेहरे पर जैसे भाव थे कि चोदो मुझे……………….और
चोदो…………………..चोदते ही रहो…………..फ़िर सीमा ने कहा कि
मुझे थोड़ा रेस्ट दो और नीतू को चोदो.

मैंने नजर घुमाई तो देखा नीतू की चुदाई चालू हो गई थी सन्नी उसकी चिकनी बुर
के धुर्रे उड़ा रहा था. पास में लेटा मनु बोल रहा था कि चोद इसे, साली का
चुदाई से पेट ही नहीं भरता. पता नहीं कितनी जन्मो से नहीं चुदाई है.

मैंने सीमा से पूछा कि अनवांटेड ७२ कितना है तुम्हारे पास तो सीमा ने कहा
कि है तो एक ही . तुम लोग ऐसा करो कि नीतू को चोद कर झड़ने के समय मेरी बुर
में झडो, मैं भी नीतू की बगल में लेट जाती हूँ.

सन्नी अब झड़ने वाला था. नीतू अपनी दोनों टांगे फैलाकर चुदवा रही थी. सन्नी
ने उसके ऊपर से हटकर अपना लंड सीमा के बुर में डाला और ८-१० धक्के लगाकर
झड़ गया.

उस समय नीतू को मनु चोद रहा था. नीतू की आँखें बंद थीं. केवल बुदबुदा रही
थी…………….चोदो……………और जोर से…………….मनु
तुम्हारा लंड थोड़ा छोटा है………….इसीलिए मैं दूसरो से चुदवाना चाहती
हूँ…………….शादी से पहले मुझे मुहल्ले के तीन लड़के चोदते
थे…………………….उसी समय से मैं पक्की चुदक्कड
हूँ………….राज का लंड लंबा है………………उससे ज्यादा मजा
आताहै……………….. चोदते रहो………………..

मनु भी हट गया और सीमा की बुर में जाकर झडा.

उसके बाद मैंने नीतू के बुर को उसी की पैंटी से पोंछकर अपना लंड घुसा दिया.
नीतू ने कहा कि हाँ………..ये लंड है मेरी पसंद का………..मैंने
उसकी दोनों टांगो को उ�� ाकर अपने कंधो पर रखी और जोर से धक्के लगाने लगा.
नीतू उत्तेजना से चिल्लाने लगी………..चोदो
…………….मुझे……………….बुर को फाड़
दो………………तुमसे चुदवाने के बाद मुझे अब किसी से चुदवाने की
ख्वाहिश नही है………………….

मैं उसे जोर-जोर से चोद रहा था…………..मेरा भी झड़ने का समय आ गया
था। नीतू के ऊपर से हट कर डस्टबिन यानी सीमा के बुर में घुसा दिया और -७
जोर से धक्का लगाकर झड़ गया. फ़िर बगल में लेटकर लम्बी साँसे लेने लगा. सीमा
और नीतू के चेहरों पर असीम तृप्ति का भाव था. ये सब करीब ४ घंटे तक चला
था.

अंततः हम सब थक गए थे. हमलोग सो गए और अगले दिन सुबह अपने-अपने घर चले आए. बहुत मजा आया था उस दिन.

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