चड्डी यहाँ क्या कर रही थी.?

चड्डी यहाँ क्या कर रही थी.?

रणबीर और इरफ़ान दोनों कॉलेज के समय से दोस्त हैं। तब दोनों के एक गन्दा चस्का लग गया था, दोनों स्कूल से निकल कर अक्सर शहर के बाहर जाकर सेक्सी किताबें पढ़ा करते थे और एक दूसरे की मुठ मारा करते थे। वे अक्सर अपने क्लास की अध्यापिकाओं के बारे में सोच कर मुठ मारते थे तो कभी पड़ोस की भाभी और चाची को सोच कर उनके बारे में बातें किया करते थे, उनको बाथरूम में नहाते देखने के लिए दिन-दिन भर छत पर रहा करते थे।

एक दिन इरफ़ान बोला- यार रणबीर, आखिर ऐसे कब तक हम मुठ मारते रहेंगे? अब तो इन किताबों से मज़ा नहीं आता है। कोई फिल्म देखने का जुगाड़ करते हैं।

रणबीर ने कहा- तेरी बात तो सही है इरफ़ान ! कल मेरे मम्मी-पापा शहर से बाहर जा रहे हैं, घर पर सिर्फ छोटी बहन अनुष्का रहेगी। हम दोनों अपने कमरे में कल ब्लू फिल्म देखते हैं।

इरफ़ान बोला- ठीक है दोस्त, कल मैं कोई नई फिल्म की सीडी लाता हूँ, तू तैयार रहना ! लेकिन घर में छुटकी यानि अनुष्का होगी..?

इरफ़ान ने शंका से पूछा।

“तू फ़िक्र मत कर इरफ़ान ! छुटकी कमरे में नहीं आएगी। चल अब घर चलते हैं।”

अगले दिन इरफ़ान रणबीर के घर एक ब्लू फिल्म की सीडी लेकर पहुँच गया।

अनुष्का ने दरवाज़ा खोला- अरे इरफ़ान भैया…? कैसे हो? रणबीर भैया तो मम्मी पापा को स्टेशन तक छोड़ने गए हैं, रणबीर भैया आते ही होंगे, आप अन्दर आ जाओ। चलो, तब तक हम लूडो खलते हैं।

इरफ़ान अन्दर चला गया। छुटकी उसके लिए पानी लेकर आई। जब वह पानी दे रही थी तब इरफ़ान की नज़र उसकी कुरते से झांकते छोटे छोटे उभारों पर थी। वह इरफ़ान को रणबीर की तरह ही भाई मानती थी लेकिन आज वह इरफ़ान अचानक बहुत ही सेक्सी लग रही थी, इरफ़ान ने उसके जिस्म को ऊपर से नीचे तक देखा।

इरफ़ान ने उससे कहा- छुटकी, आज भैया की गोदी में नहीं बैठोगी?

“क्यों नहीं भैया अभी लो !” कहते हुए वह इरफ़ान की गोदी में बैठ गई।

“अब बोलो, आइसक्रीम खिलाओगे?”

“खिलाऊंगा ! लेकिन एक वादा कर कि किसी को बोलेगी नहीं?”

“क्या भैया??”

छुटकी की उम्र मात्र 18 साल की थी, उस पर अभी जवानी धीरे धीरे आ रही थी, उसके सीने पर हल्का हल्का उभार आने लगा था, उसके स्तन छोटी अम्बिया की तरह नुकीले थे। इरफ़ान ने उसको गोद में लेकर उसकी गोलाइयों को अपने हाथों से नापना शुरू कर दिया।

“ही ही ही..!!! यह क्या कर रहे हो भैया गुदगुदी होती है !”

इरफ़ान का हाथ उसकी फ्राक अन्दर उसकी चड्डी में था, वह अनुष्का की छोटी सी नर्म योनि को सहला रहा था- कैसा लग रहा है अनुष्का…? इरफ़ान ने उसके गालों को चूमते हुए पूछा।

“अच्छा लग रहा है भईया !”

“यह एक खेल है छुटकी, लेकिन सिर्फ हम दोनों ही खेलेंगे, चुपके चुपके, किसी और को मत बताना।”

“ठीक है इरफ़ान भईया !”

“अन्दर चलो, बेड पर लेट जाओ तुम।”

इरफ़ान ने उसको गोद में उठा लिया था, वह उसके सीने से चिपकी थी, इरफ़ान के हाथ उसके चूतड़ों पर थे, इरफ़ान ने छुटकी को बेड पर लिटा दिया और उसकी छोटी से गुलाबी चड्डी खींच कर निकाल दी।

उसकी योनि छोटी सी थी अन्दर से देखने पर एकदम सुर्ख ! इरफ़ान ने उस पर जीभ लगा दी।

“..उईए ईई यह क्या करते हो भैया…?” अनुष्का मचल पड़ी जब इरफ़ान ने उसकी योनि चूसना चाही।

“कुछ नहीं होगा तुझको ! बस तू चुपचाप लेटी रह, तुझे अच्छा लगेगा।” कह कर इरफ़ान ने उसकी टांगें फैला दी और उसकी योनि पर मुँह लगा दिया।

अनुष्का लेटी हुई थी।

तभी दरवाज़े की घंटी बजी, इरफ़ान ने झट से छुटकी की फ्राक नीचे की और उसको उठाया और कमरे से बाहर ले गया।

छुटकी ने दरवाज़ा खोला।

“क्या कर रही थी? सुनाई नहीं देती तुझको घण्टी?!!” रणबीर छुटकी पर चिल्ला कर बोला।

छुटकी सहम गई।

“अरे जाने दे न रणबीर, नहीं सुना होगा ! …मैं भी रूम में था वरना…” इरफ़ान ने बात सम्हालनी चाही।

“बच्ची नहीं है… घोड़ी हो गई है, पढ़ती-लिखती कुछ नहीं है, दिन भर लूडो और टीवी ! दसवीं में फेल हो चुकी है।” कहते हुए रणबीर ने उसको एक चपत लगाई।

इरफ़ान ने देखा कि पीछे से छुटकी की फ्राक की चैन खुली थी, देखते ही उसकी गांड फट गई। लेकिन फिलहाल रणबीर ने उस पर ध्यान नहीं दिया था।

दोनों कमरे में चले गए, रणबीर ने सीडी लगाई और छुटकी को बोला कि अन्दर नहीं आना है।

मूवी में एक अँगरेज़ एक इंडियन लड़की की चुदाई कर रहा था। कुछ ही देर मैं एक अँगरेज़ और एक लड़की और आ गई, वे दोनों भी शुरू हो गए थे, बारी-बारी से दोनों लड़कियों की चुदाई कर रहे थे उनको कुतिया बना कर।

इरफ़ान और रणबीर दोनों को पसीना आ रहा था, तभी रणबीर ने बेड़ पर पड़ा कपड़ा उठा कर अपना मुँह पोँछा। लेकिन उसमें से उसको अजीब सी महक लगी, उसने कपड़ा खोल कर देखा यह छुटकी की चड्डी थी जिससे रणबीर ने मुँह पोंछा था।

देखने पर वह सोचने लगा कि छुटकी की चड्डी यहाँ क्या कर रही है?

देखने पर वह सोचने लगा कि छुटकी की चड्डी यहाँ क्या कर रही है?

इरफ़ान का दिल धड़क रहा था, वह रणबीर से नज़रें चुराने लगा, उसने छुटकी को आवाज़ दी और रिमोट से मूवी को बन्द कर दिया।

छुटकी कमरे में आई, अभी रणबीर के हाथ में उसकी चड्डी थी, लग रहा था कि वह उससे पूछेगा कि यह यहाँ कैसे?

रणबीर- यह ले, तेरे कपड़े हैं और दोबारा मेरे कमरे में नहीं आना चाहिए।

छुटकी सहम गई अपनी चड्डी लेकर वह कमरे से चली गई।

इरफ़ान ने मूवी को दोबारा शुरु की और रणबीर के डाऊन हो गए लंड को सहलाने लगा।

रणबीर- उसको छोड़ साले, यह बता तू छुटकी के साथ क्या कर रहा था?

इरफ़ान- अरे !! कुछ तो नहीं यार..!!

रणबीर- झूट मत बोल, मुझे चुतिया समझ रहा है? मैंने देखा कि उसकी फ्राक पीछे से पूरी खुली थी, उसकी चड्डी यहाँ क्या कर रही थी.?? और दरवाज़ा खोलने में इतनी देर क्यों हुई…?? सच बता कि तूने अनुष्का के साथ क्या किया था?

इरफ़ान- बताता हूँ लेकिन तुझको दोस्ती की कसम ! तू गुस्सा नहीं होगा।

रणबीर- पहले तू बता हरामी…?? वरना तुझे भी मारूँगा और छुटकी को भी मारूँगा।

इरफ़ान- पहले तू कसम खा की तू गुस्सा नहीं होगा।

रणबीर- ठीक है ! …बता…?

इरफ़ान- छुटकी अब बड़ी हो गई है, उसके स्कूल में लड़के भी पढ़ते हैं और आज कल का मोर्डेन ज़माना है, हर लड़की का आजकल बॉयफ्रेंड है, कल छुटकी का भी होगा।

रणबीर- मारूँगा पकड़ के उस माँ के लौड़े को !

इरफ़ान- तू पहले मेरी बात सुन ! हर वक़्त तो तू छुटकी के साथ रह नहीं सकता, और न ही उसको घर में बंद करके रख सकता है…

रणबीर- तू कहना क्या चाहता है?

इरफ़ान- अबे, तू मेरी बात सुन तो सही मेरे दोस्त ! तू छुटकी के हर समय साथ तो नहीं घूम सकता है, कल को उसका कोई यार भी होगा तो उसकी लेगा भी।

रणबीर- इरफ़ान, तू बकवास बंद कर !

“यार, तू मेरी बात को ठन्डे दिमाग से समझ..पहले बता बॉयफ़्रेन्ड होगा तो लेगा या नहीं उसकी?”

रणबीर- हाँ लेगा ही.!!

“समस्या यह नहीं है कि कोई बॉयफ़्रेन्ड उसकी लेगा, परेशानी यह है कि आजकल लड़के लड़कियों को ब्लैकमेल करने के लिए उनका वीडियो बना लेते हैं.. और फिर अपने दोस्तों को दिखाते हैं और उसको नेट पर डाल देते हैं। तू चाहेगा कि कोई छुटकी के साथ ऐसे करे? या उसको ग्रुप सेक्स करने के लिए मजबूर करे…??

रणबीर- हरगिज़ नहीं…

इरफ़ान- लेकिन हर लड़की आजकल बॉयफ़्रेन्ड चाहती है…आखिर छुटकी अब जवान हो रही है… मैं उसको अपनी गर्लफ्रेंड बनाना चाहता हूँ रणबीर !

मैंने रणबीर का लंड सहलाते हुए कहा।

रणबीर- साले भईया बोलती है वह तुझे… मैं ऐसा कैसे मान लूँ?

इरफ़ान- रणबीर, बात को समझ कल को कोई उसको बेहरहमी चोदे, उसकी चुदाई की वीडियो, MMS बनाये, हम उसके नंगी फोटोग्राफ्स नेट पर देखें, तुझे अच्छा लगेगा? ..यार मैं उससे प्यार करता हूँ, मेरे साथ रहेगी तो सुरक्षित रहेगी… कोई और चोदे इससे तो बेहतर है। बाकी तू जो मांगेगा, वह मैं दूंगा !

कह कर इरफ़ान रणबीर के सामने कुत्ते की तरह खड़ा हो गया।

रणबीर- नहीं इरफ़ान, मैंने तेरी गांड तो बहुत ली है। मैं तुझे अनुष्का का चोदू तो बन जाने दूंगा लेकिन मेरी एक शर्त है।

इरफ़ान- क्या…?? बोल…?? दोस्त के लिए तो जान भी हाज़िर है यार…!

रणबीर- मैं तेरी बाजी रुबीना की लूँगा।

इरफ़ान- यह क्या कह रहा है…?? रुबीना बाजी तेरे से बड़ी हैं, और मोटी भी है वह !.

इरफ़ान ने यह नहीं सोचा था कि रणबीर इस कुत्तागिरी पर उतर आएगा।

रणबीर- देख इरफ़ान, मैं तेरे फायदे की बात कर रहा हूँ। अनुष्का छोटी भी है और उसका किसी से कोई चक्कर भी नहीं है, जबकि रुबीना… कोई लड़का छोड़ा है उसने गली का?..जिसके साथ सोई न हो। जिसका उसने लिया न हो? 4 दिन घर से गायब रही थी, मुझे मालूम है गोवा में आरिफ और अनुज के साथ थी, फोटो देखे हैं मैंने तेरी बहन के चड्डी में और नंगे भी, गोवा के बीच पर.. और तेरी अम्मी कहती रही कि खाला के घर गई है। सोच ले फ़ायदा तेरा ही है।

इरफ़ान- बस कर यार मुझे भी सब मालूम है…लेकिन यार रुबीना बाजी नहीं मानेगी…

“तू उसकी फ़िक्र मत कर वह मुझ पर छोड़ दे ! तेरी बाजी (बड़ी बहन) है इसीलिए अब तक कुछ नहीं किया था।”

“ठीक है तू रुबीना बाजी को पटा, मैं छुटकी के साथ कुछ करता हूँ।”

रणबीर- तेरी बाजी को मैं अभी लाया 10 मिनट में !

इरफ़ान- नहीं उसको पटाना इतना आसान भी नहीं है, नहीं ला सकता तू उसको 10-15 मिनट में।

रणबीर- शर्त लगाता है? अगर ले आया तो उसकी तेरे सामने लूँगा।

इरफ़ान- चल शर्त लगी।

“ठीक है ! और नहीं ला पाया तो मैं तेरी छोटी बहन छुटकी की तेरे सामने पूरी नंगी करके लूँगा…??”

“ठीक है, अभी आया 10 मिनट में तेरी चुदक्कड़ बाजी रुबीना को लेकर !”

कह कर रणबीर चला गया।

इधर इरफ़ान ने अनुष्का को बुला कर उसको ब्लू फिल्म दिखाना शुरू कर दी, उसे मालूम था कि रणबीर शर्त हार जाएगा और वह उसकी छोटी बहन अनुष्का की लूँगा।

इरफ़ान ने अनुष्का को नंगा करके अपनी गोद में बिठा रखा था, उसका हाथ उसकी मासूम छोटी सी योनि को सहला रहा था और वह आः आआह्ह्ह कर रही थी।

इरफ़ान ने उसको बेड पर लिटा दिया और उसकी योनि में मुँह लगा दिया था- आह… उई… उम्म… इरफ़ान भैया… छोड़ दो।

फिर जब अनुष्का पूरी तरह जोश में आ गई तो इरफ़ान ने उसको कुतिया बनाया बेड पर और उसके पीछे से उसकी योनि पर लंड रख दिया।

अभी लंड का अग्र भाग (टोपी) अन्दर गई ही थी कि तभी दरवाजे की घण्टी बज गई।

इरफ़ान ने देखा कि अभी मात्र 15 मिनट हुए थे और शायद रणबीर आ गया था।

तय शर्त के मुताबिक इरफ़ान कमरे से बाहर निकल कर छुप गया, रणबीर रुबीना बाजी के साथ था। बाजी ने पीला कुरता और सफ़ेद सलवार पहन रखी थी।

उसने रुबीना को कमरे में किया और मेरे पास आया, बोला- देखा इरफ़ान, मानता है मुझे ! अब शर्त के अनुसार तू खिड़की में से अपनी बाजी की चुदाई का कार्यक्रम देख।

इरफ़ान- छोड़ न यार, मैं तो मजाक कर रहा था ! मैं नहीं देखूंगा.. तू जाने दे उसको।

रणबीर- देखना तो पड़ेगा ! आखिर शर्त लगाई है तूने मुझसे ! यह ले स्टूल और खड़ा हो जा खिड़की पर !

इरफ़ान ने खिड़की से झांक कर देखा रुबीना बाजी मज़े से ब्लू फिल्म देख रही थी।

रणबीर कमरे में चला गया, उसने रुबीना बाजी के पहले कंधों पर हाथ रखा और फिर कुछ कुछ सेकंड में उसका सफ़ेद दुपट्टा गले से अलग कर दिया। रणबीर ने बाजी को अपने सीने से लगा लिया।

इरफ़ान ने सोचा नहीं था कि एक दिन अपनी बड़ी बहन को इस तरह से अपने ही दोस्त से चुदते देखूंगा।

रुबीना की पीठ इरफ़ान तरफ थी, रणबीर ने इरफ़ान को आँख़ मारते हुए अंगूठे से उसकी तरफ इशारा किया, उसने बाजी के कुर्ते की चेन खोलना शुरू की और दूसरा हाथ उसका बाजी के चूतड़ों पर था। यह कहानी आप अन्तर्वासना.कॉम पर पढ़ रहे हैं।

इरफ़ान को बड़ा अजीब सा लग रहा था, अपनी बहन को अपने सामने नंगा होते हुए देख रहा था।

रुबीना की पीठ पर उसका हाथ था और रुबीना बाजी उसके होंठो से होंठ लगाए हुए थीं।

तभी रणबीर थोड़ा सा अलग हुआ और उसने बाजी की सलवार का कमरबंद (नाड़ा) खोल दिया।

सफ़ेद पटियाला सलवार सरकती हुई फर्श पर जा गिरी, तभी इरफ़ान एक आईडिया सूझा, इरफ़ान ने अनुष्का को अपने पास बुला लिया और उसको गोदी में लेकर खिड़की से अन्दर का नज़ारा दिखाया।

वह खिलखिला कर हँस पड़ी, इरफ़ान ने उसको चुप रहने का इशारा किया।

“रुबीना बाजी और रणबीर भैया भी यह सब खेलते हैं?” छुटकी ने मासूमियत से पूछा।

“हाँ, वे दोनों दोस्त हैं।” इरफ़ान ने खिड़की से झांककर देखा- रुबीना बाजी रणबीर का लंड चूस रही थी और रणबीर खड़ा था।

रुबीना बाजी को देख कर अब इरफ़ान के अन्दर सेक्स पैदा होने लगा था। वह उसे अब बड़ी बहन नहीं बल्कि एक जवान खूबसूरत लड़की लग रही थी।

रणबीर ने रुबीना को बेड पर पटक दिया था और उसकी काली चड्डी निकाल कर अलग कर दी और उसकी टांगे फैला कर उसकी योनि को चूस रहा था।

रुबीना बाजी सिसकारियाँ भर रही थी, मैंने झट से छुटकी को पकड़ा और उसकी चड्डी निकाल दी और उसकी योनि पर मुँह लगा दिया, उसकी छोटी सी योनि पर हल्का सुनहरा रोंया था और वह पूरी तरह गुलाबी थी।

छुटकी आह हाह अह करने लगी थी। फिर इरफ़ान का शानदार लण्ड छुटकी के मुख के सामने था- आह ! गोरा सा, तना हुआ सुपारा जोश से लाल सुर्ख हो रहा था। हाय क्या चीज़ बनाई है ऊपर वाले ने !

इरफ़ान ने अपना लंड छुटकी को चूसने को लिए उसके मुँह में दे दिया, दूसरे ही पल उसका लाल सुपारा छुटकी के नाजुक होंठों के बीच दब गया। छुटकी मेरे लंड को लोलीपोप की तरह चूस रही थी। इरफ़ान ने खिड़की से झांक कर देखा रणबीर ने रुबीना बाजी को कुतिया बनाया हुआ था और वह बाजी की पीछे से चुदाई कर रहा था, बाजी जोर जोर से सिसकारियाँ निकाल रही थी। बाजी की चोटी इधर-उधर डोल रही थी और चूड़ियाँ खन-खन कर रही थी। बाजी का जम्पर (कुर्ता) रणबीर ने एकदम ऊपर खिसकाया हुआ था।

रणबीर इरफ़ान की बहन की ले रहा था ज़बरदस्त चुदाई कर रहा था, बड़ी बहन छोटे भाई के सामने चुद रही थी और इरफ़ान चुपचाप देख रहा था।

इरफ़ान ने झट से छुटकी को भी कुतिया बना दिया और उसके पीछे से अपने लंड को करने लगा। लेकिन बाजी और छुटकी में बहुत फर्क था, छुटकी मात्र 18 साल की थी जबकि बाजी की उम्र २३ साल की थी। इरफ़ान की बहुत कोशिश करने के बाद भी लंड छुटकी की योनि में नहीं गया और ज़बरदस्ती इरफ़ान करना नहीं चाहता था।

उधर रणबीर बाजी को अपनी गोद में लेकर अपने लंड को अन्दर-बाहर कर रहा था।

बाजी आह अआह कर रही थी, रुबीना बाजी पूरी तरह से सेक्स की आदी थी, कॉलेज का बहाना कर के वह अनुज और आरिफ के साथ 4 दिन तक गोवा में रही थी और जब वापस आने के लिए पैसे ख़त्म हो गए थे तो उन्होंने रुबीना बाजी को कई अंग्रेजों से चुदवा कर पैसे भी कमाए थे।

सोच कर ही अजीब लगता है कि किस तरह से बाजी ने दो-दो अंग्रेजों का लिया होगा। देखने में तो एकदम भोली भाली और मासूम दिखती थी। अगर दो चोटी बांध दो तो किसी स्कूल की बच्ची लगती हैं। लेकिन सच यह था कि मेरी बाजी पूरी तरह से किसी रांड से कम न थी। रणबीर ने उसको कुतिया बनाया हुआ था और उसके पीछे से उसकी चूत को मार रहा था और ..बाजी आ आह्ह्ह …आह… ह… ह… कर रही थी।

“हाय चूस… ओह… आह्ह… मेरी जान… ले… मेरा… लण्ड ले ले .. मस्त चूसती है रे तू !”

रणबीर उसकी लण्ड चुसाई से मस्त हो रहा था। अपना मस्त लण्ड चुसा कर फिर उसने रुबीना बाजी को खड़ा कर के एक झटके में नंगी कर गोदी में उठा लिया। दस सेकण्ड बाद ही बाजी बिस्तर पर थी। उसने बाजी की टांगें चौड़ी कर दी और चूत को मस्ती से चाटने लगा।

अब बाजी अन्ट-सन्ट बकने लगी थी- ओह माई डियर… लूट ले मुझे… आह चूस ले साले… डाल दे अपना लौड़ा मेरी चूत में !

अब वो बाजी के ऊपर छा गया। उसने अपना सात इन्ची लण्ड मेरी बाजी की चूत से टकरा दिया। चूत को पूरी गीली हो कर लसलसी सी चिकनी हो गई थी।

इरफ़ान का शरीर सनसना उठा, फ़चाक से पूरा ही लण्ड मेरी बाजी की चूत में उतर गया।

“आह … स्स्स्सीऽऽऽ कैसे भाई हो… तुम मेरे रणबीर?” बाजी मस्ती में चहकी।

“चुप साली, मैं तेरा भाई नहीं हूँ।” रणबीर ने कहा।

“सगा ना सही, पर दूर के तो हो ना, कहीं का नहीं छोड़ा मुझे, आह्ह, चोद के ही छोड़ा ना मुझे !” रुबीना ने उसे उकसाया।

इधर अनुष्का इरफ़ान लंड चूस रही थी और वो खिड़की से अन्दर का नज़ारा देख रहा था।

फिर रणबीर ने बाजी के होंठों पर अपने होंठ दबा दिये और उसे कचकचा कर चूसा और काट लिया।

चूत में मोटा लौड़ा लेकर अपने होंठ चुसवाने का मजा कुछ ओर ही होता है, यह तो वो ही जानती है जो इस तरह से कभी चुदी हो। आह्ह रुबीना की चूत भी तभी फ़चफ़चा कर झड़ गई। शायद इसी मजे के लिये पैसे वालों की लड़कियाँ भी रांड बन जाती हैं।

थोड़ी देर के बाद उसने अपना लण्ड निकाल लिया, इरफ़ान ने उसे प्रश्नवाचक दृष्टि से देखा। उसने अपना लम्बा लण्ड बाजी की दोनों चूचियों के बीच में रख दिया…

बाजी भी अब बेड पर गिर पड़ी थी, दोनों पूरी तरह से एकदम प्राकृतिक अवस्था मैं नंगे थे। इरफ़ान ने छुटकी को अपने लण्ड से अलग किया और दबे पाँव उनके कमरे में गया।

बाजी इरफ़ान को देख कर एकदम घबरा गई, उसने अपना दुपट्टा खींचते हुए पूछा- इरफ़ान तुम यहाँ…??

“मैंने आप को सबकुछ करते हुए देखा है बाजी ! मैं तो आप को बहुत सीधी सादी समझता था। लेकिन आप तो एक नंबर की रांड निकली। अब छुपाने से क्या फ़ायदा ! आपकी यह मस्त लीला मैंने और छुटकी दोनों ने देखी है !” इरफ़ान बोला।

रणबीर- छुटकी…?? वह कहाँ थी..??

रणबीर छुटकी का नाम आते ही उछल पड़ा- वह यहाँ थी !

कहते हुए इरफ़ान ने छुटकी को अपने पीछे से आने को कहा। छुटकी उन दोनों के सामने थी, उसने छोटा सा फ्राक पहन रखा था जिसमें उसके चूतड़ और छोटी सी नर्म गुलाबी चूत साफ़ दिख रही थी।

अनुष्का- भैया, मैंने सब देखा है, मम्मी को बोलूंगी, आपकी और रुबीना बाजी की शिकायत करूंगी।

रणबीर- नहीं मेरी प्यारी गुड़िया रानी, मम्मी को मत बोलना ! मैं तुझे आइसक्रीम लाकर दूंगा।

रुबीना- हाँ छुटकी, मैं तुझे चॉकलेट लाकर दूंगी..

इरफ़ान पूरी तरह से छुटकी को सिखा-पढ़ा कर लाया था कि क्या बोलना है।

छुटकी- मुझे नहीं चाहिए आइसक्रीम ! मुझे आप लोगों के साथ खेलना है !

छुटकी ने उंगली दिखाते हुए कहा।

“एकदम सही कह रही है छुटकी ! अब हम लोग भी साथ में खेलेंगे।” कहते हुए इरफ़ान ने छुटकी को अपनी गोद में उठा कर चूमते हुए उसको बिस्तर पर लिटा दिया।

“लेकिन छुटकी मेरी छोटी बहन है यार… मैं उसके साथ कैसे सेक्स कर सकता हूँ?” रणबीर ने किलसते हुए कहा।

“अच्छा तुम्हारी बहन – बहन है और मेरी बहन क्या रंडी है? तो क्या हुआ रुबीना बाजी भी तो मेरी बड़ी बहन है जिसको तुमने रंडी की तरह चोदा है?” इरफ़ान बोला।

रणबीर- यार तू समझा कर इरफ़ान ! चल ठीक है, तू अपनी बाजी रुबीना की मार ले लेकिन मैं छुटकी के साथ नहीं करूंगा, कुछ भी !

रुबीना- पागल हो गए हो क्या रणबीर !?! इरफ़ान मेरा सगा भाई है, मैं उसके साथ नहीं कर सकती !” रुबीना बाजी ने नाराज़ होते हुए कहा।

उनकी नज़र इरफ़ान की निक्कर पर थी जिसमें से उसका गीला लण्ड साफ़ चमक रहा था।

“इरफ़ान, प्लीज अम्मी को कहना नहीं।” बाजी ने इरफ़ान के चेहरे पर हाथ रख कर कहा।

“मैं भी कुछ नहीं बताऊँगी।” अनुष्का भी रण्बीर से चिपक कर बैठ गई।

“छुटकी, तू तो मेरी बहन है ना, मुझे माफ़ कर दे, जाने ये सब कैसे हो गया।” रणबीर हकला कर बोला।

“नहीं बताएँगे कुछ भी अम्मी को ! हम लोग सब साथ में खेलेंगे !” इरफ़ान बाजी के घुटनों से चादर खींचते हुए कहा।

“इरफ़ान ! लेकिन यह गलत है।” कहते हुए बाजी ने अपनी टाँगें ढीली कर दी।

तभी इरफ़ान के दोनों हाथ रुबीना बाजी के सनसनाते हुए उरोजों के उभारों पर आ गये और फिर उन्हें दबा दिया। रुबीना सिसक उठी, उसकी काम ज्वाला भड़क सी उठी। इरफ़ान का लण्ड कठोर होकर जैसे रुबीना बाजी की कमर में ही घुसने लगा था।

“भैया, कुछ करने को मन कर रहा है।” उसकी कमर कुछ कुछ कुत्ते की तरह चलने लगी थी। छुटकी ने रणबीर की गोद में बैठते हुए कहा।

“भाई, नहीं कर, मैं तो तुम्हारी बहन हूँ ना, ऐसे मत सीना दबाओ।” इधर रुबीना इरफ़ान की हरकतों से पूरी तरह से जोश में आ गई थी।

छुटकी भी रणबीर की गोद में जोश में लहराने लग गई थी। उसका मन अब चुदने को होने लगा था। छोटे से मासूम तन में बिजली की चटखन होने लगी थी।

“बहुत अच्छा लग रहा है बहना !” रणबीर वासना में डूब कर डूबते उतराते हुये जैसे कसमसा रहा था।

“मुझे भी बहुत मजा आ रहा है, पर तुम मेरे भाई हो ना आह रे, अब बस करो, ओह नहीं थोड़ा सा और करो !”

“आह्ह्ह, मेरी प्यारी बाजी, घर की बात है बस चुपके चुपके लण्ड ले लेना, बस एक बार अपनी चूत में मेरा लण्ड ले लो। मोहल्ले के हर लड़के का तो ले चुकी हो आप बाजी। अब अपने छोटे भैया का भी ले लो एक बार। इरफ़ान के हाथ रुबीना जिस्म पर कसने लगे। उसने रुबीना को कमर पकड़ कर उठा लिया और बिस्तर पर लेटा दिया। रुबीना कामुक हो कर अपने भाई से चिपकती जा रही थी। अब वो इरफ़ान ऊपर चढ़ गई थी और बेतहाशा चूमने लगी थी, उसकी चूत गीली हो गई थी।

अभी अभी जैसा उसने फ़िल्म में देखा था, अनुष्का ने कहा- भैया, अपना लण्ड तो चूसने दो, मजा आयेगा।

उसने जल्दी से खुद की फ्राक उतार दी। अब तक रणबीर भी जोश में आ चुका था। वह अपनी छोटी बहन अनुष्का की लेने के लिए तैयार था।

तब इरफ़ान ने भी अपने कपड़े उतार दिये।

आह !

अनुष्का की छोटी सी गुलाबी फ़ुद्दी कैसी पानी पानी हो रही थी। रणबीर का गोरा लण्ड कैसा मस्त हो कर लहरा रहा था। उसने उल्टा सुल्टा पोज बना कर लण्ड को अनुष्का के मुख की ओर कर दिया और खुद का मुख अनुष्का की फ़ुद्दी की तरफ़ कर दिया। रणबीर ने अपने चूतड़ छुटकी के मुख पर दबा दिये। लण्ड चुटकी के मुख में आ चुका था।

रुबीना- इरफ़ान भाई, तू चाट ना मेरी फ़ुद्दी !

तभी रुबीना की चूत को एक ठण्डा सा मीठा सा अहसास हुआ। भाई की जीभ रूबीना की चूत में घुसने की कोशिश कर रही थी। इरफ़ान ने अपनी बाजी की चूत चाटनी आरम्भ कर दी थी, रुबीना उसका लण्ड फ़िल्म की भांति मस्ती से मुख में लेकर गपागप चाट रही थी।

इरफ़ान बेकाबू सा होने लगा था, रुबीना को लगा कि उसके भाई का लण्ड अपनी बाजी को चोदने के लिये तड़प रहा था।

तभी रणबीर ने पलट कर अनुष्का को दबा लिया- बस बहना बस ! अब नहीं रहा जाता है।

उसका स्वर काम आवेग से थरथरा रहा था।

“भैया, मुझसे भी नहीं रहा जा रहा है !” अनुष्का भी चुदाने को आतुर आवेश से कांप रही थी।

रणबीर ने छुटकी को लिपटा लिया और उसके होंठ चूसने लगा। तभी उसका सख्त लण्ड की ठसक छुटकी की चूत में महसूस होने लगी। उधर इरफ़ान का लण्ड रूबीना बाजी की चूत में घुसता जा रहा था।

छुटकी बेसुध होने लगी थी, काम में अंधी होकर भाई से ही चुदवाना चाह रही थी। शरीर आग का गोला बन गया था। जैसे ही रणबीर ने एक झटका मारा, अनुष्का की चीख पूरे कमरे में गूंज उठी, दर्द के मारे वो अपनी सुध-बुध खो चुकी थी।

इरफ़ान अपनी बाजी की चूचियों को नोच खसोट कर उसे जन्नत की सैर करा रहा था, बाजी चूत उछाल उछाल कर भरपूर जवाब दे रही थी, कस कर चुदाई हो रही थी, कमरे में भीगी चूत की फ़च फ़च आवाजें गूंजने लगी।

जब रूबीना झड़ गई तो भी इरफ़ान शॉट पर शॉट मार रहा था। रूबीना लस्त सी नीचे चूत की पिटाई सह रही थी।

रूबीना ने इरफ़ान को धीरे धीरे करने को कहा। उधर अनुष्का की चूत गीली थी और रणबीर का लंड हर धक्के के साथ अंदर समाता जा रहा था, थोड़ी ही देर में पूरा लंड अंदर समा गया। फिर वो थोड़ी देर उनसे लिपट कर यों ही पड़ा रहा और उनकी चूचियों से खेलता रहा।

अब तक दर्द के साथ कुछ मजा आने लगा था, उसकी सिसकारियाँ शुरु हो गई थी- आआ ह्ह ओह्ह ओफ्फ्फ्फ उम्म्म अह्ह्ह्ह अह !

अनुष्का ने अपने भाई को कस कर पकड़ रखा था, फिर रणबीर ने धीरे धीरे चोदना शुरु किया, दोनों टाँगों को पकड़ा और अपनी स्पीड तेज़ की।

रुबीना ने इरफ़ान को कहा- अब बस कर ! अब नहीं सहा जा रहा।

इस पर इरफ़ान ने रणबीर को कहा- तू बाजी के साथ आ जा, अनुष्का को मैं चोदूंगा।

अनुष्का सातवें आसमान में थी और पूरे जोश में भी ! और लगातार उसकी सिसकारियाँ बढ़ रही थी।

इरफ़ान रणबीर को हटा कर अनुष्का पर छा गया।

धीरे धीरे इरफ़ान की गति तेज़ होती जा रही थी और छुटकी की सिसकारियाँ भी !

अब बाजी ने रणबीर के लण्ड को अपने मुँह में ले लिया और कुछ ही समय में रणबीर रूबीना के मुख में झड़ गया और उनके ऊपर ही लेट गया।

उस दिन इरफ़ान ने अपनी बाजी रुबीना और अनुष्का दोनों को चोदा और रणबीर कभी रुबीना बाजी को चोदता तो कभी छुटकी को।

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