सबीना की गांड छूते ही मुझे जैसे की करंट लगा
सबीना दलाल हमारी ऑफिस में ही काम करती थी. उसने एमबीए किया था और कंपनी में वो जूनियर एक्जीक्यूटिव के तौर पर लगी थी. उसकी उम्र अभी केवल 21 की थी और उसकी भरी जवानी मेरे पास सब से ज्यादा रहेती थी क्यूंकि उसे मेरे केबिन के सामने ही एक डेस्क दी गई थी. वैसे वो रिपोर्ट भिमुझे ही करती थी और मुझे भी इस बहाने उसके बड़े स्तन और मखमली गांड से एक दो बार गलती से ही स्पर्श करने का मौका मिल गया था. जब उसने पहली बार उसकी गांड मेरे घुटनों को गलती से लगा दी तो मेरे शरीर में जैसे की खलबली सी उठ गई. पेंट के अंदर ठुंसी हुई उसकी गांड हद से भी ज्यादा मुलायम थी. मुझे ऐसी सेक्सी गांड को पकड़ के चूत में लंड देने की काफी तमन्ना थी. मेरी बीवी डिप्पो की गांड थी तो बड़ी लेकिन वो सखत थी इसलिए मेरी फेंटसी पूरी नहीं हो पाती थी. सबीना को मैंने मन ही मन ऑफिस में कई बार चोदा था, जिसे चक्षुचोदन कहते हैं. उसे याद कर के एक दो बार मैंने ऑफिस के टॉयलेट में मुठ भी मारी थी. बस मैं यह फिराक में था की वो किसी तरह मुझ से एक बार सेक्स करवा ले और मुझे अपने बड़े स्तन का रसपान करने दे.
धीरे धीरे से मेरे लौड़े की और आना, बड़े स्तन दिखा के चूत में भी डलवाना
सबीना अब मुझ से काफी घुलमिल चुकी थी क्यूंकि अब उसे ऑफिस में कुछ 2 हफ्ते हो गए थे. वो मुझ से काफी बातें करती थी और मैं भी उस से जितना हो सके उतना फ्रेंडली रहने की कोशिस करता था. मुझे पता था की इस बड़े स्तन वाली लड़की को फांसने के लिए मुझे थोडा सब्र करना पड़ेगा. इस से पहले मैं ऑफिस में ही संगीता और रूमाना को भी चोदा था लेकिन वो उम्र में बड़ी थी करीब 30 की इसलिए ज्यादा फील्डिंग नहीं करनी पड़ी थी. संगीता को तो मैंने कई बार अपनी डेस्क के अंदर बिठा के उसे लंड भी चुसाया था. लेकिन रूमाना के बड़े स्तन मुझे पिने की बहुत ही मजा आती थी. सबीना मुझ से कई बार मदद मांगती थी क्यूंकि कुछ काम उसके लिए हार्ड था, बिना प्रेक्टिकल अनुभव के. एक दिन जब वो मुझ से कुछ फ़ाइल के बारे में डिस्कसन करने के लिए आई तो मैं उसके सफ़ेद शर्ट में उभार मार रहे सेक्सी बड़े स्तन को देखता ही रह गया. गर्मी ज्यादा थी इसलिए उसने अपना ब्लेजर उतारा हुआ था और दो बटन के बिच से उसकी काली सेक्सी ब्रा की जांखी हो रही थी. मेरे लौड़े में तो अकडन आनी शरु हो गई. मैं सबीना से बातें करते करते घड़ी घडी उसके बूब्स को ही देख रहा था. एक दो बार मैं उसके सामने बूब्स को देखते पकड़ा भी गया. जब वो जाने लगी तो मैंने उसकी ब्ल्यू पेंट के अंदर लटक मटक करती हुई गांड को देख रहा था. उसने मुड के देखा और उस से भी रहा नहीं गया…वो हंस पड़ी…..!!!
मैंने भी हंस के उसे देखा और इस दिन के बाद तो जैसे की हम दोनों की नजर में बदलाव सा आ गया. सबीना भी अब खुल चुकी थी और वो मुझ से हंसी मजाक कर लेती थी. मैं भी अक्सर उसे मदद करने के बहाने उसके डेस्क पे जा के खड़ा होता था. ऊपर से देखने पर तब उसे बड़े स्तन बड़ा मजा देते थे. मैं अब एक असली मौके की तलाश में था जब उसके चुंचे मुझे पिने कोमिले बस. यह मौका मुझे उसी महीने मिल गया. कंपनी ने इस क्वार्टर बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था इसलिए सुधीर सर ने सभी वर्कर के लिए एक पार्टी रखी थी. ऑफिस में ही शराब और डांस का इंतजाम किया गया था और वेज और नॉन वेज खाने की ज्याफत का इंतजाम भी रखा था. सभी शराब की बोतले देख के अपने आप को रोक नहीं पायें और शाम से हो चुस्कियां चालू हो गई. मैं कम ही पीता था. मैंने भी एक ग्लास में थोड़ी व्हिस्की ली और पिने लगा. मैंने देखा की सबीना भी व्हिस्की का एक पेग लगा चुकी थी. उसके गुलाबी शर्ट में मुझे उसे बड़े स्तन जैसे की मुझे उसकी तरफ बुला रहे थे. वोह भी मेरी तरफ ही देख रही थी. मैं उसके पास गया, वो ऑफिस की ही जूनियर लडकियों के साथ खड़ी ड्रिंक ले रही थी. उसकी आँखों में आज अजब सा नशा था, शायद जो शराब से आया था. उसने मुझे मस्त स्माइल दी और बोली, क्या विश्वास सर आप ने बहुत छोटा पेग लिया. मैंने हँसते हुए कहा, मैं बड़ा पेग लेता हूँ तो फिर चढ़ जाती हैं. उसने हंस के मुझे कहा, सर बड़े में ही असली मजे होते हैं….!!!
सबीना ने इशारे इशारे में ही उसकी चाह मुझे बता दी थी. मैंने उसे कहा आओ डांस करते हैं. सबीना ने एक ही घूंट में पेग खत्म किया और वो मेरे हाथ पकड़ के डांस करने लगी. तभी सुधीर सर भी अपनी वाइफ के साथ आ गए. उसके बाद तो महफ़िल ही बदल सी गई. डीजे वाले ने अब फास्ट म्यूजिक लगाया और उसके उपर बीडी जलाई ले जैसे भड़काऊ सोंग बजने लगे. सबीना मस्त मस्ती में डांस कर रही थी. उसके बड़े स्तन इधर उधर उछल रहे थे. अगर यह बड़े स्तन के उपर ब्रा की लगाम ना होती तो शायद वो उछल के निचे फर्श में aaa जाते. सबीना ने बिच में ब्रेक ली और वो एक पेग व्हिस्की का और ले के आ गई. मुझे आजतक पता ही नहीं था की यह लड़की इतनी बिन्दास्त हैं, शायद मैं सीनियर था इसलिए वो मेरे आगे ठीकठीक रहेती थी. वो वापस आके मेरे हाथ में हाथ डाल के नाचने लगी. अँधेरा था और बिच बिच में डांस की तडकभड़क लाईट उजाला फेंकती थी. मेरे दिमाग में आया की इस से अच्छा मौका नहीं मिलेगा विश्वास, ले ले इस फुलझड़ी की खुश्बू और पी ले इसके बड़े स्तन का रस. यह सोच के मैंने धीमे से अपने अपने हाथ को उसकी कमर से थोडा उपर कर के उसके बड़े स्तन की साइड में लगा दिया. उसने कुछ नहीं कहा और मैंने भी अँधेरे का पूरा फायदा उठाने की ठान ली थी. दो मिनिट के बाद मैंने नाचते नाचते उसके बूब को हल्का टच कर लिया. वो फिर भी कुछ नहीं बोली. इस से मेरी हिम्मत और भी खुल गई और मैं अब हर दुसरे मिनिट उसके चुंचे को छू रहा था.
दुसरे दिन शाम का चुदाई प्रोग्राम फिक्स हुआ
सबीना को मैंने गर्म कर दिया, उसके चुंचे के उपर हाथ जाने से यह सेक्सी लड़की भी अब चूत के अंदर शायद पसीना करने लगी थी. मैंने अब उसके कंधे को जोर से दबाया और उसने मेरी आँखों में आँखे डाली. उसके मुहं पे भी चुदाई के मजे ले लेने की लालसा साफ़ दिख रही थी. मैंने सबीना को धीरे से कान में कहा, सबीना तुम बहुत ही सेक्सी दिख रही हो. सबीना हंस पड़ी और बोली, इसलिए ही आप मुझे ऑफिस में निहारते रहते हैं. इसका मतलब साफ़ था की उसे पता था की मैं उसके बड़े स्तन और सेक्सी गांड को देखता था. मैंने उसे कहा, देखने लायक चीज हैं तो देखेंगे ही ना जान. उसने मुझे हलके से कंधे पर दबाया. मैंने उसे कान में कहा, चले कहीं आज रात. उसने मेरे कान में म्यूजिक के शोर के बिच कहा, नहीं अभी मेरे भैया लेने आयेंगे. कल ऑफिस छूटने के बाद जाते हैं…………
