हेल्लो दोस्तों स्वेता रावत का हिंदी सेक्स स्टोरी वाचको को सलाम, आज मैं आपको मेरे घर में हुए एक इंडियन सेक्स की कहानी सुनाउंगी, यह इंडियन सेक्स मेरी चूत के अंदर मेरे कोलेज के मित्र बिपिन और संजय के लंड जाने से हुआ था. आपके समक्ष पेश है इस रोचक इंडियन सेक्स की कहानी….!
मेरे नंबर पहेले से ही क्लास में अच्छे आते थे और मुझे लोग मेरी प्रसंशा करे तो अच्छा लगता था, कोलेज में मैं सब से होंशीयार छात्राओं में से एक थी और टीचर प्रोफेसर मेरी तारिफ करते रहते थे. यह इंडियन सेक्स तब हुआ जब एक बार फिजिक्स के टीचर आनंद सर ने क्लास में एक योजना बनाई, जिसके अंतर्गत जो कमजोर थे उनको एक होंशियार और एक मध्यम तेजस्वी स्तुडंट के साथ दिन में कम से कम एक घंटा पढाई करनी थी. उनके प्लान के मुताबिक जो स्तुडंट नजदीक रहते थे उनको साथ में ग्रुप बनाना था. यह सुनते ही मेरे होंश उड़ गए क्यूंकि मेरे पडोश का बिपिन ही मेरे साथ आने वाला था क्यूंकि वह पढाई में कमजोर और मस्ती में अव्वल था और उसके साथ आने वाला था संजय जो हमारी सोसायटी में ही रहेता था. लेकिन यह दोनों अव्वल नंबर के चुदक्कड थे, कोलज की ही शालिनी और नम्रता के साथ उनका सेटिंग था और यह दोनों कपल कितनी बार गार्डन में ही किसिंग करते पकडे गए थे और घर पे तो वह सभी प्रकार के इंडियन सेक्स हथकंडे अजमाते होंगे ना…..!
संजय ने मुझे इंडियन सेक्स फोटो दिखा दी
पढाई का यह नया नुस्खा चालू हुए एक हफ्ता बिच चूका था और जैसे मैंने कहा यह दोनों केवल मस्ती में ही मग्न रहेते थे और पढाई इन से कोशो दूर रहेती थी. हम लोग बारी बारी सब के घर जाते थे, दो दो दिन के अन्तराल पर…आज हम लोग संजय के घर थे. संजय के पापा आईएएस थे और उनका घर काफी बड़ा था, संजय का कमरा भी एवरेज दो कमरों जितना था. मैं आज जल्दी आ गई थी क्यूंकि मुझे जल्दी घर वापस जाना था, कमीनो को मैंने बोला के आज पढाई नहीं करते तो बोले नहीं ऐसा नहीं करेंगे. मैं इन दोनों पर गुस्सा करते हुए संजय के घर आ पहुंची, बिपिन अभी तक आया नहीं था. मैंने जैसे ही संजय का रूम खोला वह मुझे देख के चोंक सा गया और उसने एक पीले कवर वाली किताब गद्दे के निचे सरका दी…!
मैंने पूछा, क्या है?
संजय, कुछ नहीं….तुम्हारे काम की चीज नहीं है….!
मैंने कहा….अरे दिखा तो….!
संजय…नहीं नहीं.
मैंने जबरन उसे धक्का दिया और किताब निकाली….मेरा मुहं खुला रह गया उसके अंदर इंडियन सेक्स की बहुत सारी तस्वीरें थी रंगीन, जिसमे चूत और लंड एक दम नजदीक से दिखाए थे. इस किताब की एक एक चीज में केवल इंडियन सेक्स ही था. मेरी वर्जिन चूत पहेली बार इतनी उत्तेजित हुई थी. मुझे अहेसास हुआ की मैं पढाई को लेके अपने सेक्स जीवन से बहुत दूर चली गयी थी. मेरे चुंचे जो मेरी उम्र (18 साल 1 महिना) के हिसाब से कम से कम 30 की साइज़ के होने चाहिए थे वोह इतने छोटे थे की मैं केरम बोर्ड केटेगरी में आती थी. मैंने एक एक पन्ना पलटा के इंडियन सेक्स के इन अदभुत द्र्श्यो को निहारना चालू किया तभी मुझे लगा की मेरे गांड के उपर कोई मनुष्य हाथ का स्पर्श हो रहा है. मैंने मुड के देखा, वोह बिपिन था जो शायद पलंग के निचे छिपा बैठा था और मेरे गर्म होते बहार आ गया था. मैंने उसे कुछ नहीं कहा और उसे छूने दी मेरी गांड को क्यूंकि मुझे भी आज अपनी चूत को असली इंडियन सेक्स का मजा देना था. मैंने बिपिन को कुछ नहीं कहा इस लिए संजय की भी हिम्मत बढ़ी और वह मेरे पास खड़ा हो के मेरे स्तन को मसलने लगा. स्तन बहुत छोटे थे लेकिन उनको छूते ही मुझे बहुत मजा आने लगा.
पलंग पर डाल दोनों ने मेरी चूत चुसी और मैंने बिपिन का लंड चूसा
संजय ने दरवाजे को बंध किया अन्दर से और दोनों ने मुझे उठा के पलंग पर डाल दी, संजय तुरंत नग्न हो गया. मैं पहेली बार लंड देखा था, बल्कि दूसरी बार क्यूंकि थोड़ी देर पहले मैं इंडियन सेक्स मैगज़ीन में लंड को देखा था. बिपिन ने भी अपनी पेंट वगेरह उतार दिया. मेरे कपडे दोनों बारी बारी उतारने लगे और कुछ ही देर में तो संजय मेरे चुंचे चूस रहा था…..बिपिन एक कदम आगे गया संजय से और उसने अपना मुहं मेरे चूत के मुख पर रख दिया, होंठो की गर्मी मेरी चूत के लिए असह्य हो रही थी और उसने जब मेरी चूत के अंदर जबान डाली तो मुझे लगा की शायद मेरी चूत पिगलने लगी हो. मेरे हाथ अपने आप बिपिन के मस्तक पर जा पहुंचे और मैं उसको अपनी चूत के उपर दबाकर उसकी जीभ को चूत के अन्दर और जोरों से लेने लगी. बिपिन बिच बिच में कुत्ते की तरह जीभ से चूत के होंठ चाट लेता था. बिपिन ने अब मोर्चा संजय को दे दिया और मेरी चूत के अंदर अब संजय की जीभ फिरने लगी थी. मैंने दोनों हाथो से चद्दर को मरोड़ दिया और मैं बेताब सी हो गई थी. तभी मेरे मुहं के सामने बिपिन ने अपना लंड रख दिया, मैंने भी जैसे इंडियन सेक्स फोटो में देखा था वैसे उसके लंड को मुहं में चलाना शरू कर दिया और बिपिन के मुख पर संतोष के भाव झलकने लगे. संजय चूत के अंदर जोर जोर से जीभ घुमा रहा था और मैं इधर बिपिन के लंड को आधा मात्र मुहं में भरने की कोशिश कर रही थी.
इंडियन सेक्स का पहेला अनुभव
बिपिन लंड अब लाल लाल हो उठा था, उसने उसे मेरे मुहं से निकाला और तभी संजय भी उठ खड़ा हुआ. बिपिन चूत के करीब आ गया और संजय ने लंड मेरे मुहं में दे दिया, संजय का लंड बिपिन जितना लम्बा नहीं था, लेकिन उससे मोटाई में डेढ़ गुना जरुर था. मैंने उसे 80% तक मुहं में भर लिया, इधर बिपिन ने चूत के उपर थूक दिया था और वह अपने लंड का सुपाड़ा मेरी चूत के उपर फिराने लगा. उसने अब एक झटका दिया और मेरी चूत के अंदर पहेला लंड स्पर्श करवाया, चूत मानो की लोहे का गर्म सलाख घुसा दिया हो उतनी पेईन कर रही थी लेकिन मुझे आज इंडियन सेक्स के असली मजे लेने थे इसलिए मैंने उसे सह लिया. थोड़ी देर में ही बिपिन मेरी चूत को हल्के हल्के झटके दे कर चोद रहा था जबकि संजय ने मेरे मुहं में अपना लंड वैसे ही ठुंसा हुआ था. मैं अपने दोनों छेदो को चुदवा रही थी. मेरी गांड अब अपने आप हिलने लगी और मैं बिपिन के लंड को चूत के अंदर समाने की कोशिस करने लगी. दो चार झटके और लगे और बिपिन ने मोर्चा हार दिया, उसका वीर्य मेरी चूत को और चिकना करता हुआ झड गया. संजय ने अपने लंड को हाथ इ लिया और वह अब मेरी चूत को पेलने के लिए आ खड़ा हुआ.
इंडियन सेक्स समाप्त हुआ, लेकिन एक नया प्रकरण चालू करने के बाद
संजय के लंड को मैं चूत में लेकर वही गति से हिलने लगी थी. संजय का लंड भी बिपिन की तरह तगड़ा था और वह मेरे पेट को पकड कर मुझे लंड के उपर हिलाने लगा,…..उसके मुहं से आह आह ओह आह निकल रहा था. पांच मिनिट की चुदाई के बाद वह भी मेरी चूत के अंदर झड गया और मैं भी तभी चूत का रस छोड़ने लगी थी…चुदाई के अंदर साथ में झड़ने का मजा ही कुछ और होता है. लंड और चूत को धो कर हम पढाई करने लगे…..इस दिन के बाद संजय और बिपिन मुझे पूरा एक महिना तक रेग्युलर चोदते रहे…संजय ने अपने मेडिकल वाले दोस्त से मेरे लिए महीने के पिल ले लिए थे इसलिए मुझे भी उनका लंड लेने में कोई दिक्कत नहीं था……!
