सेक्सी स्तन वाली नर्स को लंड पर उछाला

अंजली नर्स के चुंचो से 4 लिटर दूध निकल सकता था
पिछले महीने मुझे कफ़ हुआ था, ज्यादा सिगरेट पिने से मुझे अक्सर यह प्रॉब्लम होती थी, लेकिन इस बार मुझ से रहा नहीं गया और मेरी नार्मल कफ़ की दवाई भी काम नहीं कर रही थी इस स्थिति में. मैंने सोचा चलो पास के गवंमेंट अस्पताल में चला जाता हूँ. वैसे भी वहाँ की सेक्सी स्तन और बड़ी गांड वाली नर्से मुझे अच्छी लगती थी. एकाद के तो स्तन भी इतने बड़े थे की भेंस का बछड़ा भी उनसे दूध पी ले. इस सेक्सी स्तन के बड़े दीवाने थे और कुछ बुढ्ढे तो साले इधर उधर का कोई ख्याल नहीं करते थे, बस इन मटकती गांड और सेक्सी स्तन को ताका करते थे.

मैं अस्पताल में आया और देखा की डोक्टर का टेबल अक्सर होता था वैसे ही खाली था और वहाँ एक बड़े सेक्सी स्तन वाली नर्स खड़ी थी, इस नर्स का नाम अंजली था. साला डोक्टर रोज की तरह आज भी अपने प्राइवेट क्लिनिक में मरा होगा और यहाँ गरीब लोग उसकी आस लगाये बैठे थे. मैंने सीधे नर्स अंजली के पास जा के कहा, अंजली मेडम जी नमस्कार, कहाँ फसे हैं हमारे डोक्टर बाबू.

नजरे मिली और मजा आ गया
अंजली ने खुद को मिले इतने आदर का सही तरह से जवाब देते हुए कहा, अरे वो ट्राफिक में फसे हैं, अभी कोल आई थी उनकी, बस आ जाएंगे थोड़ी देर में…..साला अब देहातों में भी ट्राफिक होने लगा, या फिर डोक्टर बहाना बता रहा था. खेर मेरे पास तो पुरानी दवाई की पर्ची थी मैंने अंजली को दिखाई और उसे कहा की यही दवाई दे दीजिए मेडम. अंजली ने मुझे कहा नहीं आप राह देख लीजिए. डोक्टर आते ही होंगे. साला मैं तो अपना काम छोड़ के आया हुआ था. मैंने फोन किया अपने छोटे भाई अमर को और उसे लेपटोप बंद करने को कहा. प्राइवेट क्लिनिक 5 किमी दूर के छोटे शहर में था इसलिए मुझे मजबूरन यहाँ आना पड़ता था. वैसे दुसरे डोक्टर थे गाँव में, लेकिन एम्बीबीएस यही इस सरकारी अस्पताल में थे. अंजली मुझे जानती थी और उसे यह भी पता था की मैं यह इंग्लिश के क्लास चलाता था. वोह मेरे सामने ही थी और मुझे उसके उभरे हुए सेक्सी स्तन की झलक उसकी सफ़ेद साड़ी से मिल रही थी. एक दो बार उसके पर मेरी नजर थी और उसने मुझे देख लिया. वोह भी होंठो में मुस्कुरा रही थी जो मुझ से छिपा नहीं था.

मैंने नर्स अंजली के पास जाते हुए उसे कहाँ मेडम मुझे दर्द भी हो रहा हैं तो अगर आप केवल चेक कर लेती तो बढ़िया होता. मुझे उस वक्त एक बिपि क्लिप की याद आई थी जिसमे एक पेशंट नर्स से अपना लंड चेक करवा के उसे चोदता हैं. मुझे भी कुछ ऐसा चांस लेना था, लेकिन क्यूँ की हम उतना नहीं खुल सकते साले गोरो जितना इसलिए मैंने मनोमन जांघ के दर्द का बहाना बनाया था. मैंने अंजली नर्स से कहा, मेडम अगर आप तब तक कुछ मलम वगेरह तो लगा ही देंगी मुझे. इस से मुझे राहत हो जाएगी. नर्स अपने सेक्सी स्तन हिलाते हुए आगे निकली और उसके कुछ कहे बिना ही मैं बाजु में बने एक रूम जैसी जगह में चला गया. यहाँ दवाई, मलम पट्टी वगेरह का काम होता था. स्पिरिट का स्मेल मुझे दारु की याद दिला रहा था. साला हॉस्पिटल में भी शराब और सबाब का स्वप्न आ रहा था मुझे.

बस यहीं पर दर्द हैं मेडम, हाँ जरा आगे
सेक्सी स्तन उछालते हुए अंजली ने मुझे वहाँ लेटने को कहा और वो मेरे आगे खड़ी हो गई, उसने बहार के लोग देखे ना इसलिए ग्रीन कलर का परदा खिंच लिया. उसने मेरे घुटनों के उपर के भाग को दबाते हुए कहा, कहाँ यहाँ पर दर्द हैं. मैंने कहा, नहीं मेडम थोडा ऊपर की तरफ. वोह मेरे जांघ के उपले हिस्से में थी, और थोडा सा ऊपर. उसके हाथ मेरे लंड से ज्यादा दूर नहीं थे अभी. बस वहीँ पर अंजली मेडम. अंजली ने जैसे की बेन्चोद खुद डोक्टर हो वैसे मेरी जांघ का मुआयना किया और उसे दबाने लगी. मैंने इस स्पर्श से रोमांचित हो रहा था और कफ़ तो मैं कब से भूल चूका था, मेरा लंड अंदर फूलना चालू हो गया था. उभरे हुए सेक्सी स्तन इतने बड़े थे की उसका शेप किसी छोटी साइज़ के खरबूजे से कम नहीं था. मेरी नजर वहीँ गड़ी हुई थी और अंजली भी देख रही थी की मैं कहाँ देख रहा हूँ. वोह मेरी जांघ को हिलाते हुए बोली, आप को तो मसाज नियमित म

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