भाभी ने सिखाया कामसूत्र

भाभी ने सिखाया कामसूत्र

 

भैया भाभी की चुदाई देख के मुठ मारा

मै बहूत खुश नसीब था, कि मुझे मेरे सेक्स जीवन की शिक्षा मेरी भाभी से मिली. मेरे भाई की कमजोरी ने मेरा फायदा करवा दिया और मैने अपनी शादी से पहले सालो तक अपनी रातो को अपनी भाभी की बाहों मे रंगीन किया. हेलो दोस्तों, मेरा नाम रमेश है और आज मै आपको अपनी जवानी के हसीन शुरूवाती दिनों के बारे में बताता हु, जब मेरी गरम जवान सेक्सी इंडियन भाभी ने मेरे लंड का रस निकालकर, मुझे मेरा पहला इंडियन कामसूत्र सिखाया. जब मेरे भाई की शादी हुई, तब मै नया-नया कॉलेज मे आया था और भाई के साथ शहर मे रहता था. भाई और मै एक ही कमरे मे रहते थे, शादी के बाद भाई ने नया घर तो ले लिया, लेकिन वहां शिफ्ट नहीं कर पाया. कुछ दिनों तक, हम तीनो को एक ही कमरे में रहना पड़ा. भाई-भाभी दोनों रोज़ रात को मेरे सोने का इंतज़ार करते और मेरे सोने के बाद मस्त काम क्रीड़ा करते. १-२ दिन तो मुझे नहीं पता लगा, लेकिन एक रात मेरी नींद खुल गयी और मैने भाई-भाभी को नंगा पड़ा हुआ देखा. उस रात, मैने सोने का नाटक करते हुए, उन दोनों की पूरी चुदाई देखी और बड़ी मुश्किल से पयज़ामे मे ही मुठ मार पाया. अगली रात से अब मेँ रोज़ रात को भाई- भाभी चुदाई देखता और अपना लंड बाहर निकालकर मुठ मारता.

मुझे नहीं मालूम था, कि मेरी इस हरकत का उसे को पता चल गया है. एक दिन, जब मै पढ़ाई कर रहा था रहा था, वो मेरे पास आई और बड़े प्यार से मेरे बालो मे हाथ फिराने लगी और मेरी पढ़ाई के बारे मे पुछते हुए मुस्कुराने लगी और बोली मुझे पता है, कि आजकल कौन-सी पढ़ाई कर रहे हो और किस्मे तुम्हारा मन लग रहा है. मै उन से नज़रे नहीं मिला पा रहा था, लेकिन भाभी लगातार मुस्कुरा रही थी और अचानक से उन्होंने अपना हाथ मेरे पयज़ामे में गुसा दिया और मेरे सोये हुए लंड को खीचने लगी. मै सकपका गया और हड़बड़ी में उनके हाथ को खींचकर बाहर निकाल दिया और पीछे हट गया. वो हँसते हुए, मेरे पास आई और बोली, मेरे प्यारे देवर जी; पढ़ाई तो सीख ली; अब परीक्षा कौन देगा? और खिलखिलाकर हंसने लगी. फिर भाभी, मेरे पास आ गयी और मेरे पायजामे का नाड़ा खोल दिया और मेरा अंडरवियर उतारकर, मेरे लंड को आज़ाद कर दिया और उसके साथ खेलने लगी. उन्होंने अपनी साड़ी उतार दी और अपनी ब्लाउज़ के बटन खोल दिए. उनके कसे हुए गोरे चुचे और उनपर भूरे निप्पल देखकर मेरा लंड किसी बन्दुक की गोली की तरह नाचने लगा और मुझसे उसके झटको का दर्द सहन नहीं हो रहा था.

वो मेरे लंड की ये हालत देखकर हंसने लगी और अपने घुटनो पर बैठ गयी और मेरे लंड को अपने हाथो से मसलने लगी और एक ही झटके में, मेरे लंड को अपने मुह में घुसा लिया और मस्ती में चूसने लगी. मेरे लंड की खाल ऊपर-नीचे हो रही थी और मेरे मुह सिसकिया निकल रही थी आहहहा —- ओओओओओओओ — भाभी धीरे —-! मेरे लंड की मस्ती में, मेरा पूरा शरीर झूम रहा था और मेरे हाथ भाभी बालो को कसकर पकड़े हुए थे और मेरी गांड मस्ती मे हिल रही थी. भाभी भी, मेरी इस हालत का पूरा मज़ा ले रही थी और उनके साथ अब मेरी गांड की तरफ जा रहे थे. मै कुछ समझ पाता, उससे पहले ही, भाभी ने अपनी एक ऊँगली मेरी गांड के छेद में जबरदस्ती गुसा दी. कसम से, मेरी चीख निकल पड़ी और वो बड़े जोर से हंस पड़ी! अब भाभी ने मेरे लंड को अपने मुह से निकाला और मेरे लंड की खाल को पूरा पीछे तक खीच दिया. भाभी ने मेरे शरीर पर बचे-कूचे सारे कपडे उतार दिए और खुद भी नंगी होकर, बिस्तर पर अपने पैरो को खोल कर लेट गयी. मेरे सामने मेरी भाभी अपनी चूत खोले हुए नंगी पड़ी थी और अपने एक हाथ से अपने चुचे को दबा रही थी और दूसरे हाथ से अपनी चूत मसल रही थी.

अपना भी चुदाई का जुगाड़ हो गया
मुझे समझ नहीं आ रहा था, कि क्या करू ? मुझे ऐसे ही खड़ा देखकर भाभी बोली, हरामजादे खाली खड़ा रहेगा या मुझे चोदेगा भी? फिर मै अपने लंड को सहलाता हुआ, भाभी के पास गया और उनकी चूत पर अपने लंड को लगा दिया और अपनी गांड हिलाकर लंड को चूत पर मसलने लगा और जोर से धक्का लगाकर अपने लंड को उस इंडियन भाभी की गरम इंडियन चूत में घुसा दिया. उन की चीख निकल पड़ी और बोली, हरामी तेरा तो तेरे भाई से बड़ा और मोटा है— आ जा मेरे राजा, चोद मुझे. तेरे भाई का जल्दी निकल जाता है, तू मुझे चोद और मेरी कामुक गरम चूत का भोसड़ा बना दे. मेरा लंड उन की चूत में पूरा समां गया था और अंदर जाकर कहीं टकरा रहा था. उन की साँसे तेज चल रही थी और उनके मुँह से लगातार मस्ती भरी आवाज़े निकल रही थी मुझे लगातार गालिया दे रही थी अहहह —ओओ –हरामी —मादरचोद —मर गयी. बहुत मोटा है, मज़ा आ गया. चोद मुझे चोद साले. भाभी के ये सब मेरे जोश को बड़ा रहे थे और हम दोनों की गांड जोर-जोर से टकरा रही थी. उस ने अपनी गांड जोर-जोर से हिलाकर अपना पूरा माल छोड़ दिया और उनकी चूत के गीलेपन से मेरा लंड बाहर आ गया. भाभी ने मेरे लंड को लंड को अपने मुँह में और कुछ ही झटको मे, मैने अपना पूरा माल भाभी के मुँह में छोड़ दिया.

वो मेरा पहला कामसूत्र था, किसी इंडियन औरत के साथ और उसने मुझे पूरी तरह से ठरकी बना दिया. अब भाभी रात में भाई दिन में मेरे साथ मज़े लेने लगी. कभी -कभी तो वो पुरे दिन न खुद कुछ पहनती और कुछ पहनने देती और दिन में जब तक २-३ बार जब तक अपनी चूत नहीं मरवा लेती, तब तक उसे चैन नहीं आता. जब तक मेरी शादी, मैने अपनी भाभी को पुरे मज़े दिए और शादी के बाद भी कभी-कभी वो मुझे अकेले में पकड़ लेती है और मेरे लंड को खीचने लगती है, अब तो मैं पहले के जैसे भाभी को चोद नहीं पता; लेकिन उसी समय बीवी को जाकर मस्त बजाता हु.

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